Saturday, April 13, 2019

ना कहना सीखें,लेकिन तरीके से।

जीवन दर्शन,जीवन में अनुभव ही सिखाता है जो आपके पास नहीं जब होता है तो जीवन बेतरतीब चलती रहती है।जीवन में अनेक लोगों को यह पता नहीं होता है कि वह कौन सा शब्द कहां बोलें।
           ऐसे में एक बहुत ही छोटा सा शब्द आता है न"यह देखने में बड़ा छोटा है लेकिन इस शब्द के महत्व को जो नहीं जान सका उसकी अपनी सफलता की सीढ़ियां चढ़नी बन्द हो जाती है।
           देखन में छोटन लगे घाव करे गंभीर।वही न का महत्व है।यह कहां पर किसे बोलना है यह जान लेना चाहिए।सबसे पहले कहा जाता है कि नौकरी में ना ना करी ।'लेकिन नौकरी में कई बार ऐसे अवसर आते हैं जिसमें महिलाओं को अपने इज्जत पर बन आती है।यहां यदि आपने देर की तो आपकी इज्जत उतरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा,और बाद में कभी आप रोक नहीं पाएंगे,यहां आपकी सहायता करने बस एक शब्द आएगा 'न' जिसका आपने प्रयोग कर लिया तो जीवन भर की मुसीवत से बच जाएंगे।
            पिता को कभी किसी काम के लिए मना नहीं करें,लेकिन यदि पिता नशाखोर हो अनुचित कार्य के लिए पढ़ाई छूड़ाकर घर में बैठाना चाहता हो तो,यहां पिता को न बोलें क्योंकि जो पढ़ाई का उम्र मिला हो वह बीत जाएगा।
       पत्नी को पति के किसी काम में ना नहीं कहनी चाहिए।लेकिन पति यदि जुआरी हो शराबी हो,बच्चों का हक खानेवाला हो तो परिवार को कैसे बचाया जाएगा,यहां पति के अनुचित मांग को न कहकर रोकें,लेकिन ध्यान रखें कि घर में तनाव और हिंसा का वातावरण नहीं बने।पति से पूरी तरह जिद पर उतरने पर कलह किच किच बढ़ सकता है,इसलिए यहां प्रेमपूर्ण न की आवश्यकता है।
        बॉयफ्रेंड यदि कोई हो और वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए जिद करता है तो उसे प्रेमपूर्ण न बोलें यहां आपका यह न एक अमृत का काम करेगा,क्योंकि जीवन में छोटी उम्र से हीबॉयफ्रेंड बनने लगते हैं,यह कोई जरूरी नहीं है कि आपकी शादी उसी से होगी।यहां एक ना सौ जिन्दगी बचा ले जायेगा।

        दूसरा ,जब विवाह हो जाये और पति पूछे कि तुम्हारे कितने पुरूष दोस्तों से शारीरिक संबंध रहे,इसमें जवाब न में ही होना चाहिए ,क्योंकि यहां थोड़ी सी भी चूक हुई तो आपको संबंध विच्छेद तक झेलना पड़ सकता है।
       तो दोस्तों यह जीवन के न के कुछ टिप्स हैं,जिसे अपनाने से आपका जीवन सुखी और सुखद रहेगा।

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